बाइक और कार में CC (क्यूबिक कैपेसिटी) क्या होती है और कैसे काम करती है
CC क्या होती है और इसका मतलब
बाइक या कार परचेज करते समय आप इंजन की स्थिति के बारे में तो जरूर सुने होंगे बट क्या होता है यह सी। हीरो के बहुत सारे बाइक से 125cc के होते हैं बुलेट 350 और 500 सीसी का होता है जनरल का रस जनरली 1280 से शुरू होते हैं बट क्या है यह सीसी। ए आज तक किसी को मैं सिंपल भाषा में समझाते हुए नहीं सुना। सी को पढ़ आज मैं आपको ऐसे तरीके से स्पेन करूंगा कि हर कोई इसे समझ में। किसी का जेनेरिक फार्म होता है क्यूबिक कैपेसिटी। बाइक के अंदर इंजन होता है ठीक है अब सबको पता है और इंजन के अंदर मल्टीपल सिलेंडर्स का यूज किया जाता
है। ऐसे गोल-गोल सिलेंडर्स किसी में एक सिलेंडर किसी में चार सिलेंडर किसी में छह सिलेंडर। तो मेन बात यह है कि हर सिलेंडर के अंदर पिस्टन नामक एक पार्ट होता है जो कि अप एंड डाउन मूव करता है ऊपर नीचे ज्यादा आता है और इसी पिस्टन के मूवमेंट के चलते गाड़ी का तेल जलता है कि गाड़ी को आगे बढ़ने के लिए एनर्जी मिलती है पावर मिलती है और इस प्रोसेस को कंबशन कहते हैं।
पिस्टन, स्ट्रोक और कंबशन प्रोसेस
तो यह जो पिस्टल ऊपर-नीचे हो रहा है ना जिस हाईएस्ट ऊपर वाले पॉइंट तक यह ऊपर जाता है उसे कहते हैं टॉप डेढ़ सेंटर और पिस्टन जिस एरिया ट्रिम नीचे आता है लास्ट उसे कहते हैं बॉटम डेट सेंटर। तो
यह पिस्टल ऊपर नीचे होते रहता है यह इसी टॉप डेट सेंटर और बॉटम डेट सेंटर के बीच में होते रहता है जैसा कि आप अपने स्क्रीन पर देख सकते हो और एक बार ऊपर जाकर यह नीचे आया तो उसी चीज को एक स्ट्रोक कहते हैं।
CC कैसे मापी जाती है
एक स्ट्रोक में यह पिस्टन जितना एरिया कवर कर रहा है यह होता है सी। यह जो आप अपने स्क्रीन पर पिस्टन देख रहे हो इस पिस्टन के पास अप एंड डाउन करने के लिए कितना स्पेस है कितना जगह ले रहा है उसे कहते हैं सीधी। तो यह एरिया है जो यह ऊपर नीचे होकर कवर करता है टॉप से बॉटम यह एरिया ही सी होता है। वह पिस्टन
कितना जगह ले रहा है नीचे होने में कितना वॉल्यूम ले रहा है यही एक्जेक्टली सी होता है। तो यह स्पेस जितना ज्यादा होगा उतना ज्यादा वह एयर शक्कर सकता है अपने अंदर और फ्यूल मिलाकर ज्यादा पावर जेनरेट हो सकता है।
बड़ी CC और पावर का रिश्ता
इसलिए बड़ी इंजन वाली गाड़ियों में ज्यादा सी होता है जिसमें बड़े-बड़े लेंडर्स और पिस्टन होते हैं हेंस ज्यादा सी होता है। सी एसेंशियल एस फिजिकल स्पेस को ही कहते हैं। रॉयल इनफील्ड 350 सीसी की यह बाइक है इसमें एक ही सिलेंडर होता है और वही 350 सीसी का होता है और जो बीएमडब्ल्यू X1 कार है इसको लेकर 200 ग्राम पल तो यह गाड़ी है 2030 का
बट इसमें चार सिलेंडर होता है मतलब एक सिलेंडर 500 सीसी का होता है और Total चार मौजूद होता है कार के इंजन में। तो कोई गाड़ियों में एक ही सिलेंडर में फुल सी होता है और कोई गाड़ियों में ऐसी जो है वह अलग-अलग सिलेंडर्स में बंटा होता है।
CC के अलावा और कौन से फैक्टर जरूरी हैं
इसे एक कार्स में और आपको पता है जब बाइक फुल स्पीड में चलती है तब अंदर का जो पिस्टन ऊपर नीचे होता है वह बिल्कुल कुछ ऐसा दिखता है जैसा कि आप डिंपल देख सकते हो पूरा जल ऊपर नीचे इस डाइट Amazing। यह बात तो सही है कि जितना ज्यादा सी मतलब गाड़ी उतना पावर जनरेट कर सकती है उतनी तेज चल सकती है बट ऑटोमोबाइल
एक्सपोर्ट्स यह कहते हैं कि गाड़ी में और भी बहुत सारी चीजें होती है सिर्फ 80 से ही हम लोग फुल गाड़ी को जज नहीं कर सकते हैं क्योंकि बाकी पार्ट्स का भी पेशेंट होना जरूरी है तब जाकर परफेक्ट सीसी और परफेक्ट बाइक या कार बनती है। बट तब भी सी बहुत इंपोर्टेंट फैक्टर है और यह मोटा मोटा पॉवर को डिफ़ाल्ट कर ही देती है इसलिए इतने लोग कार्य बाइक पर्चेस करने के पहले सी देखते हैं। वीडियो को लाइक और चैनल को सबस्क्राइब करके बेल आइकॉन जरुर कर लेना एंड आपने इंस्टाग्राम आईडी नीचे डिस्क्रिप्शन में दिया फॉलो जरूर कर लेना।







